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دستهايت حرفها
دارند |
با زباني كه
به گفت نميآيد |
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و
سخناني كه گوش نمييابد |
دستهاي سرد و
خونينت |
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ناتواناز
هرگونه سخن مجسم |
و سرشار از هر
آنچه ناگفتني است |
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دستهايت
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از
انديشهاي |
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كه از سازش
مبرّي است |
و درفش هماره
عمود (لا) را |
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ميبالند |
از فرش
تا عرش |
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بر پا
ميدارند |
دستهايت
ميدانند |
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دستهايت راز
شكست نور |
در آينه
مكدر روز |
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و طرح
فاجعه را |
در شب
ديجور ميدانند |
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و آيههاي
ناگفته چشمانت |
(انتم
هؤلاء تقتلون انفسكم و تخرجون فريقا منكم من ديارهم را) |
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در جاي حادثه
ميخوانند |
دستهايت
ميكارند! |
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دستهايت |
پنهان
از چشم آشوبي باد |
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و گزش سرد
زمان دانههاي زايش را |
در
خاكستري خاك ميكارند |
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و پر تپش از
التهاب عشق |
و عطشناك
رويشي سرخ |
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چشم به راه
وارث خوشه چين ثار ميمانند |
دستهايت
ميمانند |
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